Super 30 Movie

दर्शकों की नजर से “सुपर 30 “

निर्देशक विकास बहल की सुपर 30′ फिल्म दर्शको से बहुत प्रशंशा बटोर रही है | लोगो के फिल्म के प्रति अच्छे रिव्यु आ रहे है क्योकि सुपर 30 की कहानी को विकास बहल ने गरीब बच्चों की भूख,उनकी लाचारी को बड़े इमोशनल ढंग से एक लड़ी में पिरोया है | कहानी के किरदार ने भी वैसी जिंदगी जी होती है फिर उसकी किस्मत और मेहनत से वो अमीर हो जाता है जब उसकी सोच ‘राजा का बेटा राजा नहीं रहेगा’, ‘मुश्किलों में ही अविष्कारों का जन्म होता है’ जैसे संवाद (डायलॉग) के जरिये स्क्रीन पर पेश होते है तो दर्शको को तालियां बजने पर मजबूर कर देते है | कहानी का क्लाइमैक्स बहुत मजेदार हो जाता है |

फिल्म की कहानी

सुपर 30 में मुख्य नायक ‘रितिक रोशन” जाने-माने गणितज्ञ आनंद कुमार की जिंदगी पर आधारित रोल अदा कर रहे है | आनंद कुमार कि जिंदगी कि सचाई को समझ कर ऋतिक उसमें पूरी तरह से घुलमिल गए हैं। फिल्म के शुरआत में कहानी बोरिंग मोड़ में होती है धीरे धीरे वो कहानी को एक ऐसे सफर पर ले जाकर इतनी खूबसूरती के साथ पेश करते है कि दर्शन तालियां बजने से परहेज नहीं करते| कहानी का एन्ड बहुत ही असरदार होता है| फिल्म में आनंद कुमार (ऋतिक) पटना में गणित के एक ऐसे अध्यापक है जिन्होंने अति गरीब निचले तबके और साधन आभाव वाले कुशल बच्चो को फ्री शिक्षा दी है और उन्हें आईएआईटी में दाखिले के लिए मार्ग प्रशस्त किया। क्योकि जब शिक्षा मंत्री श्रीराम सिंह (पंकज त्रिपाठी) आनंद कुमार को गणित की प्रतियोगिता के लिए रामानुजन मेडल दे रहे होते हैं तब भी उनकी नजर साथ में खड़े एक विद्यार्थी के हाथ में पकड़ी किताब पर होती है |

सुख सुविधाओं के आभाव के चलते आनंद कुमार को अपनी मेहनत और बुद्धिमता के जरिए कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए बुलावा आता है, पर वो आभाव उसका रास्ता रोक लेता है जिसके कारन आनंद कुमार के पिता (वीरेन्द्र सक्सेना) जो की एक डाकिये का काम करते है बहुत परेशान होते है जिसके लिए वो कड़ मेहनत करते है और पेट की आग बुझाने के लिए उसे पापड़ तक बेचते है । जिसके कारन उसकी प्रेमिका रितु (मृणाल ठाकुर) उनसे नाता तोड़ लेती है | फिर आनद कुमार की किस्मत मोड़ लेती है और उसको लल्लन जी (आदित्य श्रीवास्तव) अपनी कोचिंग क्लासेज में आनंद कुमार को अच्छे स्टार टीचर बना कर पेश करते हैं इसतरह आनंद कुमार के दिन गरीबी से अमीरी में बदल जाते है | आनंद कुमार को एक दिन ख्याल आता है कि वह सिर्फ राजा के बच्चों को राजा बनाने में लगा हुआ है। क्यों ना मेरे जैसे जीवन बिताने वाले गरीब बच्चो को पढ़ाया जाये बस ये सोच ‘सुपर 30‘ कहानी को शुरू करती है| आईआईटी की तैयारी करवाने के लिए वो ऐसे 30 बच्चो की खोज में निकलता है जिनको पढ़ाई में तो लगन है पर साधन नहीं है इसके लिए उसका भाई प्रणव कुमार (नंदीश सिंह) उसका साथ देते है | आनंद कुमार की ये सोच बहुत हो मुश्किल भरी होती है |

किस की क्या भूमिका

सभी ने अपनी अपनी भूमिका बहुत अच्छे तरीके से निभाई है | मृणाल की छोटी-सी भूमिका फिल्म में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाती है। प्रणव कुमार की भूमिका में को नंदीश सिंह ने बहुत हो बेहतरीन अदाकारी से पेश किया हिअ। पंकज त्रिपाठी ने शिक्षा मंत्री के रोल में दर्शको का खूब मनोरंजन किया है। वीरेन्द्र सक्सेना ने पिता का रोल बड़ी मार्मिकता से पेश किया है जो की हर दिल को छू जाता है। इसके साथ ही आदित्य श्रीवास्तव, अमित साद और विजय वर्मा ने कहानी के किरदारों के साथ मिलकर अपना रोल निभाया है।

संगीत और गायक

फिल्म में अजय- अतुल ने संगीत दिया है जिसको उदित नारायण और श्रेया घोषाल की आवाज ने लयबद्व किया है | फिल्मे में कुल 5 गाने है इसमें से ‘जुगरफिया’ गाना रेडियो मिर्ची के चार्ट पर दसवें पायदान पर है।

कमाई के पायदान पर

विकास बहल की ये फिल्म पहले 3 दिन में 50 करोड़ का आंकड़ा पार कर गयी है | पहले दिन शुक्रवार को 11.83 करोड़ से शुरआत हुई ,शनिवार को 18.19 करोड़ और रविवार को 20.74 करोड़ से क्लोज करके पहले 3 दिनों में फिल्म ने कुल 57.68 करोड़ बटोरे लिए अब तक फिल्म में 75 करोड़ कमा लिए है|